Wednesday, April 1, 2009

आज कुछ कहने को है लेकिन डर लगता हे की कुछ लोगो को बुरा न लग जय सोच सोच कर मन भारी हो गया हे लेकिन अंदर एक दर्द खाया जा रहा है की में तो अपनी बात कह दूंगा लेकिन उनका क्या होगा जो कुछ कहना चाहते है ...............?

Sunday, March 29, 2009

मेरी सहमी सी पहली आवाज़


मैं सहमा सा हूँ... बेहद डरा हूँ, लेकिन बेहद डर के साथ भी मैंने अपना ब्लॉग शुरू किया है.. डरा हूँ, सहमा हूँ, लेकिन आपको कुछ बताना चाहता हूँ... आपसे आगे बात करूँगा,,,,, लेकिन आज मैं बेहद डरा हूँ..