आज कुछ कहने को है लेकिन डर लगता हे की कुछ लोगो को बुरा न लग जय सोच सोच कर मन भारी हो गया हे लेकिन अंदर एक दर्द खाया जा रहा है की में तो अपनी बात कह दूंगा लेकिन उनका क्या होगा जो कुछ कहना चाहते है ...............?
मैं सहमा सा हूँ... बेहद डरा हूँ, लेकिन बेहद डर के साथ भी मैंने अपना ब्लॉग शुरू किया है.. डरा हूँ, सहमा हूँ, लेकिन आपको कुछ बताना चाहता हूँ... आपसे आगे बात करूँगा,,,,, लेकिन आज मैं बेहद डरा हूँ..